नारी वन्दन समारोह में व्यवस्थाओं पर भड़की जनता, कार्यक्रम छोड़ घरों को निकली महिलाएं

नारी वन्दन समारोह में व्यवस्थाओं पर भड़की जनता, कार्यक्रम छोड़ घरों को निकली महिलाएं
अगस्त्यमुनि। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज 28 जनवरी को अगस्त्यमुनि में आयोजित नारी वंदन समारोह में थे। मौका था जिला प्रशासन द्वारा आयोजित नारी शक्ति वन्दन समारोह के अन्तर्गत ब्वै, ब्वारी और नौनी कौथिग का। जिसमें जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न ग्रामों से महिला समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को बुलाया गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन पिछले कई दिनों से भीड़ जुटाने के लिए जी तोड़ कोशिश पर लगा था।
जिसमें प्रशासन पूरी तरह से सफल रहा। प्रशासन जहां 20 हजार की भीड़ का आकलन कर रहा था वहीं भीड 25 हजार के पार पहुंच गई। पाण्डाल भरने के बादबाहर भी कुर्सियां लगाई गई। फिर भी कई लोगों को जगह नहीं मिल पाई। पूरा खेल मैदान खचाखच भरा नजर आ रहा था। पुराना देवल से मुख्यमंत्री के रोड़ शो में भी जबरदस्त भीड़ दिखी। भीड़ देखकर मुख्यमंत्री प्रफुल्लित नजर आए और इसकेे लिए उन्होंने जिला प्रशासन की पीठ भी थपथपाई। परन्तु प्रशासन का ध्यान केवल भीड़ जुटाने पर ही केन्द्रित रहा। जनता को सुविधायें देने में पूरी तरह से नाकाम रहा। पूरे खेल मैदान में भीड़ के अनुरूप शौचालय न होने से लोग काफी परेशान रहे। खासकर महिलाओं को बहुत ही परेशानी उठानी पड़ी। जिसके लिए उनमें गुस्सा भी दिखा। वहीं खाने के स्टॉल में भी भीड़ बढ़ने से कई लोग भूखे ही वापस गये।
जनता इस समारोह के लिए किए गये खर्चे पर भी सवाल उठा रही थी। प्रशासन ने गांवों से महिलाओं को जल्दी ही बुला दिया था। दस बजे तक पाण्डाल का बड़ा हिस्सा भर गया था। ग्रामीण महिलाओं के लिए दो बजे तक पाण्डाल में रहना भारी लगने लगा। और वे मुख्यमंत्री के सम्बोधन से पूर्व ही घर की ओर जाने लगे। जिस पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गये। आनन फानन में प्रशासन ने खेल मैदान के दोनों गेट बन्द करवा दिए। जैसे तैसे महिलाओं को वापस पाण्डाल में बिठाया गया। वहीं कई ग्रामीण महिलाओं को स्टेज प्रोग्राम के लिए बुलाया गया था। परन्तु उन्हें अवसर नहीं मिल पाया। जिससे वे काफी नाराज दिखी।



