पर्यटन से स्वरोजगार की मिसाल बना सारी गांव, 40 से अधिक होम स्टे

रुद्रप्रयाग। जनपद का सारी गांव पर्यटन और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। पर्यटन विलेज के रूप में मशहूर यह गांव अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बनकर उभर रहा है। ग्रामीणों ने पर्यटन को अपनी आजीविका से जोड़ते हुए गांव में 40 से अधिक होम स्टे संचालित किए हैं, जहां देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी आतिथ्य का अनुभव मिल रहा है।
सारी गांव से वर्षभर बड़ी संख्या में पर्यटक देवरिया ताल, तुंगनाथ, चोपता और मद्महेश्वर जैसे प्रमुख पर्यटन एवं ट्रेकिंग स्थलों के लिए आवाजाही करते हैं। ट्रेकिंग के दौरान पर्यटक सारी गांव में संचालित होम स्टे में ठहरने के साथ ही स्थानीय लोगों की विभिन्न सेवाओं का लाभ लेते हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को नियमित आमदनी का अवसर मिल रहा है और गांव में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
होम स्टे में पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण अपने खेतों में उत्पादित ऑर्गेनिक सब्जियों, दालों और मिलेट से तैयार पारंपरिक भोजन पर्यटकों को परोस रहे हैं। इससे जहां पर्यटकों को स्थानीय खान-पान और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, वहीं स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग और ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
राज्य सरकार द्वारा सारी गांव को ट्रेकिंग अट्रैक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे है। योजना के तहत गांव के अन्य ग्रामीणों को भी होम स्टे स्थापित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किये जा रहे है ।
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि सारी गांव को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए विभिन्न बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पार्किंग, सड़क, शौचालय तथा ट्रेकिंग रूट को बेहतर बनाने के लिए कार्य किये जा रहे है । इन सुविधाओं के विकसित होने से गांव में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ ही स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे



