ग्राम पंचायत इशाला के 90 परिवार आज भी सड़क सुविधा से वंचित, शासन प्रशासन से सड़क निर्माण को लेकर लगाई गुहार

रुद्रप्रयाग। जनपद की ग्राम पंचायत इशाला के करीब 90 परिवार आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। गांव तक सड़क नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से जुड़े विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है।
सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को उठानी पड़ती है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को सड़क तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी से अवगत कराया और गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और कार्य शुरू करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में सड़क निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो 12 नवंबर 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, रुद्रप्रयाग में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि 90 परिवारों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। सड़क ग्रामीणों का अधिकार है, किसी का एहसान नहीं। उन्होंने संबंधित विभागों से केवल आश्वासन देने के बजाय सड़क निर्माण की स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीणों बुद्धि बल्लभ थपलियाल, गजेंद्र राणा, वासुदेव सिंह, विनीत बिष्ट, अनिल थपलियाल, सुदर्शन नेगी, विजयपाल कठैत, देवेंद्र बासकंडी, मानवेंद्र नेगी, ललित मोहन काण्डपाल, मुकेश सिंह, चंद्रशेखर, सुमन लता देवी, रंजना देवी और दुर्गा देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण की मांग दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 12 नवंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के बाद भी यदि मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इशाला गांव की सड़क समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वर्षों से कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे परिवारों को राहत मिल सके।



