खाद्य सुरक्षा एवं रेट लिस्ट की जांच को लेकर 14 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
खराब सब्जियां एवं बिना निर्माण तिथि का मेयोनीज कराया नष्ट, अनियमितताओं पर संबंधित व्यापारियों को चेतावनी
रूद्रप्रयाग। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा खाद्य पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में 16 अक्टूबर को जनपद के प्रमुख बाजार में अभियान चलाकर होटल, रेस्टोरेंट, परचून दुकानों एवं सब्जी-फल विक्रेताओं सहित 14 खाद्य प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन, रेट लिस्ट के प्रदर्शन तथा घरेलू गैस सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग की जांच करना था।
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य लाइसेंस एवं रेट लिस्ट उचित तरीके से चस्पा नहीं पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कड़ी फटकार लगाई गई। सब्जी विक्रेताओं द्वारा क्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए जाने पर चेतावनी नोटिस दिया गया, जबकि बिक्री के लिए रखी गई खराब सब्जियों को मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं फास्टफूड में बिना निर्माण तिथि का मेयोनीज पाए जाने पर उसे नष्ट कराया गया तथा क्रय बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए इसके साथ ही खाद्य निर्माण प्रक्रिया में प्रयुक्त फ्राइंग तेल के उपयोग को लेकर संबंधित संचालक को कड़ी चेतावनी भी दी गई।
यह संयुक्त कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा)/अभिहित अधिकारी मनोज कुमार सेमवाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, पूर्ति निरीक्षक चन्द्रमोहन बरमोला, पूर्ति निरीक्षक हिमांशु एवं अन्य विभागीय कर्मचारियों की टीम द्वारा की गई।
*खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 26 वाद दायर, 15 मामलों में 6.75 लाख रुपये का जुर्माना*
खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत इस वर्ष यात्रा प्रारंभ होने के बाद से खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर माननीय जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, रुद्रप्रयाग में अब तक 26 वाद दायर किए गए हैं। इनमें से 15 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है तथा संबंधित 15 व्यापारियों पर कुल 6 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा बढ़ते पर्यटन और त्योहारी सीजन के दृष्टिगत बाजार में इस प्रकार के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।



