
अन्नकूट मेला आज, नए अनाज से होगा स्वयंभू लिंग का श्रृंगार
केदारनाथ। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व मनाए जाने वाले पारंपरिक अन्नकूट मेले (भतूज) की तैयारी बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने शुरू कर दी है। इस वर्ष अन्नकूट मेला 27 अगस्त को आयोजित होगा। इस अवसर पर बाबा केदार की स्वयंभू लिंग पर नए अनाज का भोग लगाकर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालु प्रातः काल भगवान के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे।
सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार अन्नकूट मेले की धार्मिक प्रक्रिया मध्य रात्रि से शुरू होती है, मंदिर के मुख्य पुजारी विशेष पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के बाद झंगोरा, चावल, कोणी सहित नए अनाज का लेप स्वयंभू लिंग पर लगाकर भगवान का विशेष श्रृंगार करते हैं। नए अनाज से सजे बाबा केदार का स्वरूप इस दौरान बेहद अलौकिक दिखाई देता है।
इसके बाद सुबह करीब चार बजे श्रद्धालुओं के लिए भगवान के श्रृंगारित स्वरूप के दर्शन खोले जाते हैं। दर्शन के बाद स्वयंभू लिंग से अनाज का लेप हटाकर विधि विधान से विसर्जित किया जाता है। इसके पश्चात मंदिर की साफ सफाई की जाती है और अगले दिन नियमित पूजा अर्चना संपन्न होती है।
मान्यता है कि नए अनाज में मौजूद विषैले तत्वों को भगवान शिव स्वयं ग्रहण कर भक्तों की रक्षा करते हैं। इसी धार्मिक आस्था के चलते अन्नकूट मेले की परंपरा सदियों से चली आ रही है। केदारनाथ के अलावा विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, घुणेश्वर महादेव, कालेश्वर मंदिर ऊखीमठ, जामेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में अन्नकूट मेले की तैयारी की जा रही हैं। यहां भी नए अनाज का भोग लगाने और विशेष पूजा अर्चना की परंपरा निभाई जाती है। केदारनाथ मंदिर के प्रभारी अधिकारी कुलदीप भट्ट ने बताया कि केदारनाथ में मेले को लेकर मंदिर की साफ सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई है। आज 27 अगस्त को स्वयंभू लिंग का नए अनाज से विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसके दर्शन श्रद्धालु प्रातः काल कर सकेंगे।



