
लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ । मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन 31वें दिन भी मोहनखाल में जारी रहा। लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि मोटर मार्ग का निर्माण न होने से क्षेत्र में तीर्थाटन, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों ने मोटर मार्ग निर्माण को क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए शासन से ठोस पहल की मांग की।
आंदोलन के 31वें दिन राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट मोहनखाल पहुंचे और आंदोलनरत ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर सामूहिक प्रयास किए जाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि तुंगनाथ – कार्तिक स्वामी पर्यटन सर्किट के चहुंमुखी विकास के लिए मोटर मार्ग का निर्माण जरूरी है और इसके लिए संबंधित स्तर पर सामूहिक पहल की जाएगी।
आन्दोलनकारियो ने कहा कि मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग क्षेत्र के लिए केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों को गति देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। आंदोलनकारियों ने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे समय से चली आ रही सड़क की मांग को देखते हुए शासन को अब आश्वासनों के बजाय धरातल पर कार्रवाई करनी चाहिए अन्यथा ग्रामीणो को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आंदोलन स्थल पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीणों की जायज मांग को लेकर सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर प्रभावी पैरवी करने की बात कही। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मोटर मार्ग निर्माण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 31 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद मांग पूरी न होने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। अब राज्य मंत्री की वार्ता के बाद ग्रामीणों को सड़क निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल होने की उम्मीद जगी है। इस मौके पर संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश नेगी, प्रधान दीपक थपलियाल , पूर्व प्रधान वासुदेव सिंह नेगी, गोविन्द प्रसाद, प्रकाश लाल, हरीश नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, संजय सिंह, राकेश सिंह, ललित मोहन, महेन्द्र सिंह, मनवर सिंह नेगी, अनिल सिंह राणा, जगदीश सिंह, गिरीश सिंह, बल्देव सिंह, बलवीर सिंह,अमर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक आन्दोलनकारी मौजूद रहे।



