डाॅ. कैलाश पुष्वाण के आकस्मिक निधन से देवरिया ताल जन्माष्टमी मेला स्थगित

लक्ष्मण सिंह नेगी।
चार सितंबर को प्रस्तावित था भव्य आयोजन, मेला महामंत्री योगेन्द्र नेगी ने दी जानकारी ।
ऊखीमठ। पंच केदार होटल/होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य परकण्डी प्रीति पुष्वाण के पति डाॅ. कैलाश पुष्वाण की बीते दिवस सड़क हादसे में हुई आकस्मिक मृत्यु से समूचा क्षेत्र शोक में डूब गया है। डाॅ. कैलाश पुष्वाण के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर को देखते हुए पर्यटक स्थल देवरिया ताल में आगामी चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले मेले को स्थगित कर दिया गया है।
मेला महामंत्री योगेन्द्र नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि देवरिया ताल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रत्येक वर्ष धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी मेले को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई थीं तथा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां देवरिया ताल पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। मेले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों में खासा उत्साह बना हुआ था।
उन्होंने बताया कि डाॅ. कैलाश पुष्वाण के असामयिक निधन से क्षेत्रवासियों एवं मेला समिति में गहरा शोक व्याप्त है। ऐसी विषम एवं दुखद परिस्थितियों में जन्माष्टमी मेले का आयोजन करना उचित नहीं समझते हुए समिति द्वारा सर्वसम्मति से चार सितंबर को प्रस्तावित मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
डाॅ. कैलाश पुष्वाण क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों से जुड़े होने के साथ ही होटल एवं होम स्टे व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों के लिए निरंतर सक्रिय रहे। उनके आकस्मिक निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए मेला समिति ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की है। डाॅ. कैलाश पुष्वाण के आकस्मिक निधन से उत्पन्न शोकाकुल वातावरण को देखते हुए इस वर्ष आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। मेला समिति के इस निर्णय को क्षेत्रवासियों ने भी उचित बताते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मेला महामंत्री योगेन्द्र नेगी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि डाॅ. कैलाश पुष्वाण के निधन से उत्पन्न शोक की इस घड़ी में सभी लोग शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े रहें तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।



