ग्रामीणों ने किया लोनिवि कार्यालय का घेराव, तोडीडाली–पठाली–काकडागाड मोटर मार्ग के निर्माण में देरी पर फूटा आक्रोश

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तहसील क्षेत्रांतर्गत तोडीडाली–पठाली–काकडागाड मोटर मार्ग का निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका होने तथा काश्तकारों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए शीघ्र सड़क निर्माण पूरा करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि मोटर मार्ग का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिन किसानों की भूमि सड़क निर्माण में गई, उन्हें आज तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते तोडीडाली–पठाली–काकडागाड मोटर मार्ग का शेष निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा नहीं किया गया और प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा नहीं दिया गया, तो क्षेत्रवासी आगामी विधानसभा चुनाव का सामूहिक बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि विकास के नाम पर वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में लापरवाही के कारण क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचना आज भी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश प्रसाद नैथानी ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से वार्ता करते हुए कहा कि मोटर मार्ग के निर्माण पर मजिस्ट्रेट स्तर से रोक लगाई गई है । उन्होंने ग्रामीणों को लिखित रूप से आश्वासन दिया कि मोटर मार्ग के शेष निर्माण के लिए ग्रामीणो , जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों के साथ पुनः सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिशासी अभियंता के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग अपने आश्वासन पर अमल नहीं करता है तो भविष्य में और अधिक व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख नर्मदा देवी, प्रधान संगठन ब्लॉक महामंत्री मदन भट्ट, प्रधान मनवर सिंह नेगी, मिथिला देवी, प्रतिपाल बजवाल, वीरबल राणा, सुलेखा देवी, विशाम्बरी देवी, महेन्द्र सेमवाल,विजय लक्ष्मी तिवारी,सभासद प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत , महावीर नेगी, कैलाश पुष्वाण, कीरत राणा, सुभाष त्रिवेदी, सरिता देवी, हेमा देवी, रजनी देवी, मंजू देवी
सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, काश्तकार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



