केदारघाटी के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लगी भीड़

केदारघाटी के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लगी भीड़, फूलों से सजा काशी विश्वनाथ मंदिर
गुप्तकाशी। केदार घाटी के विभिन्न शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि व्रत के दौरान श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। इस दौरान शिवभक्तों ने चार प्रहर की पूजा अर्चना पूर्ण कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में देर रात तक पूजन का कार्यक्रम चलता रहा। इससे पूर्व श्री बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा विश्वनाथ मंदिर को फूल मालाओं से सुसज्जित किया गया।
केदारघाटी में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर, जामेश्वर महादेव मंदिर, नलेश्वर महादेव मंदिर सहित छोटे एवं बड़े मंदिरों में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
शिव महापुराण के अनुसार इसी दिन पर भगवान शंकर तथा मां पार्वती का प्रथम मिलन हुआ था। कहा जाता है कि इसी पवित्र दिन पर भगवान शंकर ने वैराग्य जीवन का त्याग कर गृहस्थ जीवन अपनाया था। कथाओं के अनुसार विश्वनाथ में पांडवों को स्वर्गारोहिणी गंतव्य भगवान शंकर ने सूक्ष्म दर्शन देकर गुप्त वास लिया था, इसलिए इसे गुप्तकाशी कहा जाता है। माना जाता है कि यहां पर साक्षात भगवान शंकर का निवास स्थान है। उनके त्रिकोणीय लिंग के प्रादुर्भाव का समय भी इसी दिन को माना जाता है। शिव पुराण में वर्णन मिलता है कि जब इस धरा धाम में भगवान शंकर के लिंग रूप का प्रादुर्भाव हुआ था ,तो स्वयं ब्रह्मा और विष्णु ने उनकी स्तुति की थी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का रुद्राभिषेक, तेल अभिषेक और जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की।
जनपद में स्थित शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में आज प्रात से ही श्रद्धालु बड़ी तादात में दर्शनों को पहुंचे। वहीं महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर कई नव युगल इस पवित्र स्थान पर आज शादी के बंधन में बंधे ओर भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद लिया। तीर्थ पुरोहित समिति सचिव सर्वेशानंद भट्ट ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन दिन पर सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे।। ओर भगवान त्रियुगीनारायण का आशीर्वाद लिया उन्होंने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी तादात में आज दर्शनों को पहुंचे।



