मजदूरों का सत्यापन न होने पर ठेकेदार का किया ₹10,000 का चालान, पुलिस उपाधीक्षक ने किया सत्यापन अभियान का नेतृत्व

मजदूरों का सत्यापन न होने पर ठेकेदार का किया ₹10,000 का चालान, पुलिस उपाधीक्षक ने किया सत्यापन अभियान का नेतृत्व
“ऑपरेशन क्रैकडाउन” के तहत रुद्रप्रयाग पुलिस की कार्रवाई निरन्तर जारी; अब तक 1828 बाहरी व्यक्तियों का किया गया है सत्यापन।
रूद्रप्रयाग। जनपद में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने और बाहरी असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर के निर्देशन में “ऑपरेशन क्रैकडाउन” का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन सत्यापन अभियान निरन्तर जारी है।
शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी विकास पुण्डीर ने जवाड़ी व झिरमोली क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कार्य कर रहे मजदूरों के सत्यापन की जानकरी ली गई, कतिपय ठेकेदारों ने अपने कुछ मजदूरों का सत्यापन नहीं कराया गया था, सम्बन्धित ठेकेदार के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम के तहत ₹10,000 की चालानी कार्रवाई करते हुए कोतवाली रुद्रप्रयाग प्रभारी को सभी मजदूरों का शत-प्रतिशत सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।

अब तक जनपद पुलिस द्वारा कुल 1828 बाहरी व्यक्तियों का भौतिक एवं दस्तावेजी सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है। यह अभियान जनपद के सभी कोतवाली क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
डिजिटल और फिजिकल जांच का समन्वय – यह केवल एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सुरक्षा का एक मजबूत चक्र है। सत्यापित किए गए सभी व्यक्तियों का पूर्ण विवरण सम्बन्धित कोतवाली स्तर पर रजिस्टर व डिजिटल रूप में संकलित किया गया है। जिन व्यक्तियों का सत्यापन किया गया है, उनके आपराधिक इतिहास (Criminal History) की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। इसके लिए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरीय पोर्टलों (ICJS, NATGRID, CCTNS आदि) पर सर्चिंग की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी वांछित अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति पहचान छिपाकर जनपद में न रह रहा हो।
सत्यापन अभियान भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहेगा। जनपद के मकान मालिकों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और ठेकेदारों से अपील है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों, बाहरी श्रमिकों और नौकरों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। सत्यापन न कराने वाले मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



