आचार्य बालकृष्ण ने नवरात्रों में राकेश्वरी मंदिर राँसी में किया अनुष्ठान, देश ओर प्रदेश की खुशहाली की कामना

गुप्तकाशी। मदमहेश्वर घाटी के राकेश्वरी मंदिर राँसी में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के सह प्रबंधक एवं आयुर्वेद के मर्मज्ञ आचार्य बालकृष्ण ने नवरात्रों में अनुष्ठान कर पुण्य अर्जित किया। इस दौरान नवमी तिथि को नौ कन्याओं और भैरवनाथ की पूजा अर्चना कर विश्व शांति और क्षेत्र की सुख, समृद्धि की कामना भी की । इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक नवरात्रों में वे भारतवर्ष के कई शक्तिपीठों में अनुष्ठान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आगामी नवरात्रों में भी केदार घाटी के कई देवी मंदिरों में आकर हवन आदि संपन्न करेंगे ।
श्री बालकृष्ण ने कहा कि पर्वतीय श्रृंखलाओं, कंदराओं नदी तटों पर हमारे पूर्वज ऋषि, मुनि और कई मनीषियों ने तपस्या कर न केवल वर्षों तक जीवित रहे, बल्कि आयुर्वेद के क्षेत्र में भी औषधीय पादपों पर शोध कर उन्हें मानव संजीवनी प्रदान की। उन्होंने कहा कि हिमालय की कंदराओं में जो आध्यात्मिक, आस्था और शांति मिलती है, बहुत दुनिया के किसी भी कोने में नहीं। उन्होंने बताया कि रासी गांव में स्थित राकेश्वरी मंदिर में चंद्रमा को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी। इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने मा राकेश्वरी को प्रसन्न करने के लिए 9 दिनों तक निराहार अनुष्ठान किया। इस दौरान उन्होंने शिव मंदिर में भी रुद्राभिषेक किया। इस अवसर पर दर्जाधारी राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, पुजारी शिव शंकर लिंग, आचार्य दिनेश शास्त्री, दीपक सिंह, शिव सिंह, उपहार समिति के अध्यक्ष विपिन सेमवाल समेत हरिद्वार पतंजलि योगपीठ से कई शिष्य तथा क्षेत्र के सैकड़ो लोग मौजूद रहे।



