मद्महेश्वर घाटी में फंसे लोगों का किया गया सफल रेस्क्यू, गोंडार की मातृ शक्ति ने रेस्क्यू अभियान में किया सहयोग बनाया अस्थाई हेलीपैड

मद्महेश्वर घाटी में फंसे लोगों का किया गया सफल रेस्क्यू, गोंडार की मातृ शक्ति ने रेस्क्यू अभियान में किया सहयोग बनाया अस्थाई हेलीपैड
रुद्रप्रयाग। मदमहेश्वर घाटी में बणतोली पर मोरकंडा नदी पर बना हुआ लोहे का पुल बह जाने से मदमहेश्वर घाटी में लगभग 300 तीर्थ यात्री फंस गए थे। जिनका मंगलवार ओर बुधवार को मैन्युअली एवं हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू टीम द्वारा निकालने का कार्य किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि 14 अगस्त सोमवार को समय प्रात: मदमहेश्वर जाने वाले रास्ते बणतोली स्थान पर मोरकंडा नदी पर बना हुआ लोहे का पुल बह गया था, जिस कारण मदमहेश्वर मंदिर में लगभ 300 तीर्थ यात्री फंस गए थे, जिलाधिकारी के निर्देशन में फंसे यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के लिए टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया जिसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस व जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग की टीम को रवाना किया गया तथा उक्त टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त टीमों द्वारा 52 लोगों का सफल मैन्युअल रेस्क्यू किया गया था।
उन्होंने बताया कि आज बुधवार को पुनः रेस्क्यू अभियान चलाया गया जहां मदमहेश्वर घाटी मे स्थानीय महिलाओं द्वारा नानू में अस्थाई हैलीपैड़ बनाया गया जहां से फंसे यात्रियों को हैलीकाॅप्टर के माध्यम से रेस्क्यू करते हुए हैलीपैड़ रांसी पहुंचाए गए। उन्होंने अवगत कराया है कि हैलीकाॅप्टर के माध्यम से 190 लोगों का तथा 103 लोगों का मैन्युअल रेस्क्यू किया गया। इस प्रकार कुल 293 श्रद्धालुओं का सफल रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू टीम में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित तहसील प्रशासन से नायब तहसीलदार जयकृत सिंह रावत और राजस्व उपनिरीक्षक दिवाकर डिमरी, जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार व स्थानीय ग्रामीणों आदि के सहयोग से सफल रेस्क्यू कार्य संपन्न किया गया।
मदमहेश्वर घाटी में फंसे तीर्थ यात्रियों नेे सफल रेस्क्यू के उपरांत सरकार एवं जिला प्रशासन, रेस्क्यू टीमों व स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।



