बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन जारी, धरने की अवधि चार घंटे की, मांगे पूरी न होने पर 25 अक्टूबर से आगे की रणनीति

रुद्रप्रयाग। बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। मंदिरों में दशकों से सेवाएं दे रहे करीब 300 अस्थायी कर्मचारी मांगों के निराकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। एक सप्ताह तक प्रतिदिन दो घंटे धरना देने के बाद अब कर्मचारियों ने धरने की अवधि बढ़ाकर चार घंटे कर दी है। कर्मचारियों ने मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 25 अक्टूबर से आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। वर्षों से मंदिर समिति के अंतर्गत सेवाएं दे रहे करीब 300 अस्थायी कार्मिक अपनी लंबित मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समिति की ओर से उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
आंदोलन के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता नहीं मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसी क्रम में कर्मचारियों ने एक सप्ताह तक प्रतिदिन दो घंटे धरना देने के बाद अब धरने की अवधि बढ़ाकर चार घंटे प्रतिदिन कर दी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता है, तो 25 अक्टूबर से आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
फिलहाल, अस्थायी कर्मचारियों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों पर बीकेटीसी प्रबंधन क्या कदम उठाता है और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए क्या पहल की जाती है।



