16 नवम्बर को शीतकाल के लिए होंगे बंद द्वितीय केदार मध्य महेश्वर धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग। जनपद में स्थित द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथि घोषित कर दी गई है। विजयदशमी के पावन पर्व पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद तय किया गया कि आगामी 16 नवम्बर को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ मदमहेश्वर धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए 19 नवम्बर को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। जहां शीतकाल में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के साथ ही शीतकालीन यात्रा की तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। पंचांग गणना के अनुसार, 16 नवम्बर को विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मदमहेश्वर धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली परंपरागत यात्रा मार्ग से विभिन्न पड़ावों से होते हुए 19 नवम्बर को ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। यहां भगवान मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा-अर्चना संपन्न होगी।
शीतकाल के दौरान श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में ही भगवान मदमहेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने पर ऊखीमठ सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा। अब मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के साथ ही यात्रा के समापन की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं।



