
रूद्रप्रयाग। विकास भवन सभागार रुद्रप्रयाग में शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद के स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्वरोजगार से जुड़े लोगों को उद्यम स्थापित करने एवं उसे आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत आई.सी. वैन को फ्लैग ऑफ किया गया। यह वैन जनपद की विभिन्न न्याय पंचायतों में पहुंचकर स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगारपरक योजनाओं के साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, अनुदान तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना है।
कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उद्यम संचालित कर अपनी आजीविका अर्जित कर रही महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उनके अनुभवों को साझा किया गया तथा अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी सरकार लगातार प्रयासरत है। स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही पलायन को रोकने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों। इसके लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक-दूसरे से जोड़ते हुए पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
चौपाल में विभिन्न विभागों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को सरकार की स्वरोजगारपरक योजनाओं, बैंक ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, अनुदान, सब्सिडी तथा उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इसके साथ ही स्थानीय उद्यमियों एवं युवाओं से उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों की जानकारी लेते हुए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया गया।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल के माध्यम से जनपद में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका एवं उद्यम संचालित कर रही महिलाओं, युवाओं तथा स्थानीय ग्रामीणों को महत्वपूर्ण सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पहाड़ के युवाओं को रोजगार की तलाश में पलायन करने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही उद्यम स्थापित करने के लिए अवसर, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ना तथा नए उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि न्याय पंचायत एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं, उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना एवं चौपाल को उपयोगी पहल बताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की चौपालों का आयोजन लगातार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया एवं ऋण सुविधाओं के संबंध में एक ही मंच पर जानकारी मिलने से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा होगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, सीमांत अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, इनक्यूबेशन मैनेजर भरत सिंह बिष्ट, परियोजना प्रबंधक रीप सरिता जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनमानस उपस्थित रहे।



