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राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री तक पहुंची 75 हजार गौ सेवकों की आवाज, जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन,

रुद्रप्रयाग से उठी ‘राष्ट्र माता’ की मांग,,

‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ सेवा मंत्रालय, ट्रॉमा सेंटर और गौ एंबुलेंस की उठी मांग,,

रुद्रप्रयाग। गौ संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर देशव्यापी स्तर पर चल रहे ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के दूसरे चरण में सोमवार को रुद्रप्रयाग से एक बड़ा कदम उठाया गया। अभियान के तहत जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को तीन हजार पन्नों में संकलित 75 हजार से अधिक गौ सेवकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा, देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, नंदी महाराज के संरक्षण एवं सम्मान की व्यवस्था, केंद्रीय स्तर पर गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना, राष्ट्रीय गोचर बोर्ड के गठन, चारा सुरक्षा नीति लागू करने, गौ आधारित कृषि को प्रोत्साहन तथा प्रत्येक जिले में निराश्रित एवं घायल गौवंश के लिए ट्रॉमा सेंटर और गौ वाहिनी एंबुलेंस की व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गई हैं।

अभियान के रूद्रप्रयाग जिला प्रभारी रोहित डिमरी ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने कहा कि देशभर में गौवंश की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है और लंबे समय से गौ माता एवं नंदी महाराज उपेक्षा और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें गौ संरक्षण के लिए प्रभावी एवं स्थायी नीति लागू करें।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से करोड़ों लोगों की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गौ सेवकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

रोहित डिमरी ने बताया कि अभियान के तहत गौ माता को प्रधान संरक्षक तथा नंदी महाराज को अध्यक्ष का प्रतीकात्मक दायित्व दिया गया है, जिससे समाज में गौवंश के प्रति सम्मान, संवेदना और संरक्षण की भावना और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि गौ सेवा के प्रति सामाजिक चेतना जगाने का भी प्रयास है।

उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में देश की 5100 तहसीलों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजे गए थे। अब दूसरे चरण में जिलाधिकारियों के माध्यम से देशभर से 75 हजार से अधिक हस्ताक्षरों वाले 3000 पन्नों के ज्ञापन सरकार तक भेजे गए हैं। वहीं अभियान के तीसरे चरण में आगामी 27 अक्टूबर को मुख्य सचिवों के माध्यम से पुनः मांगपत्र प्रेषित किए जाएंगे।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेंद्र गोस्वामी ने कहा कि केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के समय बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश सड़क पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से उनकी मौत हो रही है या वे गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में गौवंश के लिए विशेष ट्रॉमा सेंटर और गौ एंबुलेंस सेवा तत्काल शुरू की जानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं में घायल पशुओं का समय पर उपचार हो सके। उन्होंने अभियान को जनहित और गौहित का प्रयास बताते हुए गौ सेवकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया। गौ सेवकों ने कहा कि अभियान आगामी चरणों में और अधिक व्यापक रूप से चलाया जाएगा, ताकि गौ संरक्षण के मुद्दे पर देशव्यापी जनसमर्थन सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

इस अवसर पर गौ रक्षा विभाग के उपाध्यक्ष दीपक नौटियाल, गौ सेवक प्रवीण रावत, गौरव रावत, ज्योति किमोठी, दुर्गा देवशाली, दुर्गेश चमोली, अंकित राणा, संदीप कपरवान, दीपक बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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