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16 वर्षीय नाबालिग की सगाई रुकवाई, परिजनों ने बाल विवाह न करने का दिया लिखित आश्वासन

 

रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बछणस्यूं पट्टी में 16 वर्षीय नाबालिग की घरवालों द्वारा जबरदस्ती सगाई कराने की शिकायत कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गई थी। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित की।

जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र सिंह, केस वर्कर अखिलेश और मिशन शक्ति की जेंडर स्पेशलिस्ट अंजनी को मौके पर भेजा गया।

टीम जब नाबालिग के घर पहुंची तो पता चला कि 4 दिन पहले ही बालिका की सगाई पौड़ी निवासी एक युवक से कर दी गई थी। पूछताछ में सामने आया कि बालिका पिछले 2 वर्षों से उक्त युवक के संपर्क में थी और लगातार उसी से विवाह करने का दबाव परिजनों पर बना रही थी। इसी दबाव में आकर परिवार ने नाबालिग की सगाई कर दी।

टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए सख्त चेतावनी दी। बताया गया कि 18 वर्ष से पहले बालिका का विवाह कराने पर 2 वर्ष की सख्त सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, नाबालिग से संबंध होने पर युवक पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए टीम को लिखित आश्वासन दिया कि बालिका के 18 वर्ष की होने से पहले विवाह नहीं किया जाएगा। टीम ने युवक को भी पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है, ताकि उसे भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और UCC के प्रावधानों से अवगत कराया जा सके।

प्रशासन ने कहा है कि यदि निर्धारित समय से पहले विवाह कराया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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