केदारनाथ धाम में बर्फबारी, निचले इलाकों में कंपकपाती ठंड

चोपता, कार्तिक स्वामी, त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड सहित ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में कंपकपाती ठंड
ब्यूरो। पहाड़ों में मौसम के करवट लेते ही ऊपरी हिमालयी भू भाग में बर्फबारी शुरू होने लगी है। मौसम विभाग के पहाड़ों में पूर्वानुमान अनुसार बारिश ओर बर्फबारी शुरू हो गई है, केदारनाथ धाम सहित हिमालय की ऊपरी चोटियों में भारी हिमपात होने लगा है। वहीं बर्फबारी का असर पर्यटक स्थल चोपता, कार्तिक स्वामी, त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड, नागताल, देवरियाताल सहित ऊपरी क्षेत्रों में दिखने लगा है, दोपहर बाद इन इलाकों में भी भरी हिम्मत होना शुरू हो गया। ऊपरी इलाकों में हिमपात से निचले इलाकों में कंपकपाती ठंड होने लगी है, आम जन गर्म अलाव लेते नजर आने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोग अपने घरों में दुबके पड़े हैं।
मौसम इसी प्रकार ठंडा बना रहा तो रात्रि तक निचले इलाकों में भी बर्फबारी होने की संभावना बन ने लगी है। बर्फबारी और बारिश के मौसम से ग्रामीणों के चेहरे खिलने लगे हैं। पूर्व प्रधान रामपुर प्रमोद सिंह रावत ने बताया कि मौसम की बर्फबारी ओर बारिश से कृषकों के चेहरे खिल उठे हैं बेजान बने खेत अब अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगेगी। वहीं सूखे बनी स्थिति से राहत मिलेगी प्राकृतिक जलस्रोत बने रहेंगे। शेरसी ग्रामीण अशोक सेमवाल ने बताया कि बारिश से अब कुछ राहत मिलेगी जंगलों में लगी आग बुझाने लगी है। बारिश न होने से बनी सूखे की स्थिति समाप्त होगी।
बर्फबारी में त्रियुगीनारायण पहुंचे श्रद्धालु।।

बारिश ओर बर्फबारी दौरान आज बसंत पंचमी के पावन त्यौहार पर नव युगल शादी के बंधन में बंधने शिव पार्वती विवाह स्थल पहुंचे हैं। शुभ मुहूर्त पर बड़ी तादात में नव युगल शादी हेतु त्रियुगीनारायण मंदिर में आ रहे हैं। वहीं आज बर्फबारी के बीच पहुंचे नव युगलों ने इसे भगवान का आशीर्वाद होना बताया उन्होंने कहा हिमालय के समीप इस पवित्र स्थान पर शादी के बंधन में बंधना ओर बर्फबारी का मौसम एक सुखद अनुभव है।
तीर्थपुरोहित विजय प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि आज नव युगलों की शादी के बंधन में बंधने की पहली पसंद शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण बनता जा रहा है। शुभमुहूर्त पर बड़ी तादात में श्रद्धालु पहुंचते हैं, बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पांच नव युगल शादी के बंधन में बंधे।ओर भगवान त्रियुगीनारायण का आशीर्वाद लिया।



