केदारनाथ धाम के कपाट बंद होते ही केदारघाटी में सफाई व्यवस्था चरमराई, सफाई कर्मचारी न होने से बाजारों में फैली गंदगी

सफाई कर्मचारी न होने से बाजारों में फैली गंदगी, जगह जगह पड़े कूड़े के ढेर
फाटा। श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होते ही यात्रा पड़ाव वीरान हो जाते हैं। यात्रा बंद होते ही जिला प्रशासन भी यात्रा पड़ावों पर फैली अव्यवस्थाओं से मुंह फेर लेते हैं। अक्टूबर माह बीत जाने के बाद से ही यात्रा पड़ाव फाटा, सोनप्रयाग, त्रियुगीनारायण एवं गौरीकुंड में सफाई कर्मचारी नदारद हैं। बाबा के कपाट बंद होते ही सफाई कर्मचारी भी अपना बोरिया बिस्तर समेट के घरों को निकल चुके हैं। उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें सिर्फ 30 अक्टूबर तक ही इन पड़ावों पर नियुक्त किया गया था।
सोनप्रयाग व्यपार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला न बताया कि हर वर्ष जिला पंचायत विभाग के द्वारा बाबा के कपाट शीतकाल के लिए बंद होते ही सोनप्रयाग बाजार की अनदेखी की जाती है, यात्राकाल में व्यपारियों से पूरे वर्षभर का शुल्क लिया जाता है परन्तु छह माह बीत जाने के बाद बाजारों की कोई सुध नही ली जाती है।
वहीं होटल एशोसिएशन केदारघाटी के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने बताया कि बाबा के कपाट बंद होते ही बाजारों से सफाई कर्मचारी भी नदारद हो चुके हैं, उन्होंने कहा कि हर वर्ष जिला प्रशासन के द्वारा यात्रा पड़ावों की अनदेखी की जाती है कई बार पड़ावों में सुलभ शौचालय की मांग की गई परन्तु आज तक वह कार्य नहीं हो पाया है। बाजारों में गंदगी पड़ी हुई है परन्तु विभागीय अधिकारी भ्रमण पर तो जा रहे हैं परन्तु व्यवस्थाओं के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं।
वहीं व्यपार संघ फाटा महामंत्री जसपाल राणा ने बताया कि फाटा बाजार में 1 नवम्बर से सफाई कर्मचारी न होने से बाजार में गंदगी पड़ी हुई है न्याय पंचायत क्षेत्र का मुख्य बाजार होने से रोजाना लोग अपने कार्यों को यहां पहुंचते हैं परन्तु गंदगी देख भाग रहे हैं। समस्त व्यपारियों एवं क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।



