तीर्थ बचाओ अभियान को लेकर भैरव सेना की यात्रा गुप्तकाशी से पहुंची गौरीकुंड, तीर्थ क्षेत्रों में मांस मदिरा पर हो पूर्ण प्रतिबंध

तीर्थ बचाओ अभियान को लेकर भैरव सेना की यात्रा गुप्तकाशी से पहुंची गौरीकुंड, तीर्थ क्षेत्रों में मांस मदिरा पर हो पूर्ण प्रतिबंध
गौरीकुंड। भैरव सेना संगठन की तीर्थ बचाओ अभियान के अंतर्गत पंचकव्य शुद्धिकरण यात्रा आज केदारघाटी पहुंची। भैरव सेना ने तीर्थों में मांस, मदिरा सहित अनैतिक कार्यों पर पाबंदी लगाने की मांग की है।
बुधवार को भैरव सेना संगठन की तीर्थ बचाओ अभियान यात्रा के अंतर्गत पंचकव्य शुद्धिकरण अभियान का काशी विश्वनाथ की नगरी गुप्तकाशी के रायवाला से प्रारंभ कर मुख्य बाजार तक पैदल पहुंचा गया, सभी व्यापारियों को अपने सनातन धर्म को बचाने की मुहिम में सम्मिलित होने के आह्वान किया गया। गौरीकुंड पहुंचने पर मां गौरी माई का आशीर्वाद लेने के पश्चात बाजार में व्यापारियों को पंचकव्य दिया गया, तथा अपने धर्म के प्रति समर्पित होन की शपथ दिलाई गई, उनकी पैदल यात्रा बाजार से होते हुए घोड़ा पड़ाव तक पहुंची। उन्होंने बताया यात्रा का मुख्य उद्देश्य तीर्थों के समीप मांस,मदिरा प्रतिबंधित की जाय।
पंचकव्य यात्रा में केंद्रीय अध्यक्ष भैरव सेना संदीप खत्री ने बताया कि हमारा तीर्थ बचाओ अभियान चारों धामों में चलाए जा रहा है, आज केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में पहुंचकर व्यापारियों को पंचकव्य का पान करवाया गया। तथा अपने धर्म के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई गई। 
जिला अध्यक्ष भैरव सेना अशोक सेमवाल ने कहा कि हमारे तीर्थों में मांस मदिरा पहुंच रही है,हमारे तीर्थ दूषित हो रहे हैं जिस से हमारी आस्था पर आघात है हम सभी को इसके प्रति सजग होना होगा। वहीं उन्होंने मांस, मदिरा को तीर्थ क्षेत्रों में पूर्णतः प्रतिबंधित करने की मांग की। इस दौरान भैरव सेना जिला प्रभारी प्रदीप नगवाल, केंद्रीय सचिव संजय पंवार, संगठन मंत्री करण शर्मा, अनूप गोस्वामी, भगवती प्रसाद सती, धीरेन्द्र रावत, गौरी शंकर गोस्वामी सहित भैरव सेना एवं गौ रक्षा विभाग के कार्यकर्ता मौजूद रहे।



