मूल निवास और भू-कानून की मांग को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में महारैली, छात्र संगठन भी हुए सम्मिलित

मूल निवास और भू-कानून की मांग को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में महारैली, छात्र संगठन भी हुए सम्मिलित
श्रीनगर। उत्तराखण्ड में मजबूत भू कानून और मूल निवास की माँग को लेकर मूल निवास स्वाभिमान महारैली आयोजित हुई जिसमें हजारों की संख्या में लोग सड़को में उतरे।
श्रीनगर के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में प्रदेश के अलग अलग हिस्सो से जनता पहुँची ।
मूल निवास और भू कानून समन्वय सँघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड एकमात्र हिमालयी राज्य है, जहां राज्य के बाहर के लोग पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि भूमि, गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए खरीद सकते हैं। वर्ष 2000 में राज्य बनने के बाद से अब तक भूमि से जुड़े कानून में कई बदलाव किए गए हैं और उद्योगों का हवाला देकर भू खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया गया है ।
समिति के सह संयोजक लूशुन टोडरिया ने कहा है कि जनता मे आक्रोश इस बात पर है कि सशक्त भू कानून नहीं होने की वजह से राज्य की जमीन को राज्य से बाहर के लोग बड़े पैमाने पर खरीद रहे हैं और राज्य के संसाधन पर बाहरी लोग हावी हो रहे हैं, जबकि यहां के मूल निवासी और भूमिधर अब भूमिहीन हो रहे हैं। इसका असर पर्वतीय राज्य की संस्कृति, परंपरा, अस्मिता और पहचान पर पड़ रहा है।
समिति के कोर सदस्य अरुण नेगी ने कहा है कि यह लड़ाई प्रत्येक मूल निवासी की है। आज हमारी नौकरियां हमसे छीनी जा रही है। जमीन और सभी तरह के आर्थिक संसाधनों पर बाहर के लोगों का कब्जा होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल विश्विद्यालय के केंद्रीय विश्विद्यालय बनने से हमारे मूल निवासी छात्रों को दाखिला मिलना मुश्किल हो गया है।
पूर्व विद्यायक गणेश गोदियाल ने कहा की भाजपा इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है । एक ओर सरकार भू कानून लागू करने का वादा करती है वहीं दूसरी ओर भू कानून मूल निवास के मुद्दे पर भी कुछ भी कहने से बचती है । यह इस सरकार का दोहरा चरित्र है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी ने कहा मूल निवास की व्यवस्था होती तो अंकिता की हत्या नहीं होती। आज प्रदेश में आपराधिक किस्म के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे उत्तराखंड की शांत वादियों में हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही है। यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
रामलीला ग्राउंड में जनसभा के बाद महारैली पिपलचौरी होते हुए गोलाबाजार पहुंची जहाँ महारैली का जनगीतों के साथ समापन हुआ । ।
महारैली में समिति के कोर सदस्य चन्द्रमोहन चौहान,संजय भट्ट,प्रांजल नौडियाल,प्रमोद काला,अर्जुन नेगी, पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत,जिला कॉंग्रेस कमेटी के चमोली के अध्यक्ष मुकेश नेगी, यूकेडी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी,पूर्व प्रमुख कीर्तिनगर विजयंत निजवाला,इस रैली के दौरान गढ़वाल विश्वविद्यालय का छात्रसंघ,जय हो छात्र संगठन से छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल, छात्रम संगठन से उपाध्यक्ष रुपेश नेगी, एनएसयुआई से छात्रसंघ महासचिव आंचल राणा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सूरज नेगी, एसएफआई से प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, आईसा से अंकित उछोली एवं अतुल सती, एआईडीएसओ से कुलदीप,आर्यन संघठन से नीरज पंचोली एवं केशव, पूर्व अध्यक्ष प्रभाकर बाबुलकर
पूर्व उपाध्यक्ष रोबिन सिंह, छात्र नेता वीरेंद्र बिष्ट,पुनीत,अखिल राणा ,मोनिका आदि मौजूद रहे।



