अघोषित विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान, विभाग बना बेपरवाह
रोस्टिंग निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जारी रोस्टिंग

बिपिन सेमवाल
गुप्तकाशी। केदारनाथ क्षेत्र में गत एक माह से विद्युत की घंटों कटौती के चलते छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन ही बाधित नहीं हो रहा है, बल्कि विद्युत से चलने वाले व्यवसाय और भवन निर्माण आदि के कार्य भी बाधित हो रहे हैं, जबकि उपभोक्ताओं का बिल पूर्व की भांति ही यथावत आ रहे हैं । अब यक्ष प्रश्न यह है कि जब दिन भर में 7 से 8 घंटे विद्युत की सप्लाई बंद है, तो फिर भारी भरकम बिल पूर्व की भांति आना क्या सिद्ध कर रहा है । दरअसल रोस्टिंग के नाम पर विद्युत विभाग गत एक महीने से केदारनाथ क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेवकूफ बनाने में लगी हुई है। रोस्टिंग के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम के 4 बजे तक विद्युत सप्लाई बंद होनी है। उसके बाद रात भर के लिए सप्लाई चालू की जाती है । जो कि विभागीय रोस्टिंग सूची के अनुसार गत 7 मार्च तक ही सुनिश्चित किया गया था, जबकि विभागीय सूची के अनुसार आज तीन दिन अधिक हो चुके हैं उसके बाद भी रोस्टिंग यथावत बनी हुई है ,जिस कारण क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। इस बाबत विद्युत विभाग के अभियंता कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी को जब इस बाबत अवगत कराना चाहा, तो उन्होंने फोन रिसीव करना तक गवारा नहीं समझा। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश तिवारी , विनोद राणा आज ने कहा कि वर्तमान में बोर्ड के परीक्षार्थियों के एग्जाम चल रहे हैं, साथ ही विद्युत से निर्मित होने वाले व्यवसाय भी बिजली न रहने से अधूरे पड़े हुए हैं। जबकि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति यथावत बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दिन भर में 10 से 12 घंटे बिजली नहीं है, तो ऐसे में पूर्व की भांति बिल क्यों आ रहे हैं ।उन्होंने कहा कि यदि 11 मार्च तक विद्युत सुचारु नहीं की गई तो विभाग के विरुद्ध जमकर आंदोलन किया जाएगा।



