केदारघाटी में बारिश का कहर जारी, बांसवाडा व काकडागाड मे नौ घन्टे यातायात रहा बाधित, कालीमठ घाटी के चिलौण्ड मे भारी मलबे से एक गौशाला क्षतिग्रस्त

ऊखीमठ। केदार घाटी सहित विभिन्न इलाको मे हुई मूसलाधार बारिश से रूद्रप्रयाग – गौरीकुंड नेशनल हाईवे बांसवाडा व काकडागाड मे भारी मलवा आने से नौ घन्टे यातायात बाधित रहा। राजमार्ग विभाग के कड़ी मशक्कत के बाद रविवार दोपहर तीन बजे बाद यातायात सुचारू हो पाया । इस दौरान राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत सहित जिला स्तरीय अधिकारी व सैकड़ो तीर्थ यात्री नेशनल हाईवे के दोनो तरफ घन्टो जाम मे फसे रहे। नेशनल हाइवे पर बांसवाडा मे ऊपरी पहाड़ी से लगातार मलवा आने से नासूर बनता जा रहा है।
वही कालीमठ घाटी के चिलौण्ड गांव मे भारी मलवा आने के कारण एक गौशाला क्षतिग्रस्त होने के साथ गौशाला के अन्दर 5/6 मवेशियो के दबने की सूचना है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात को केदारनाथ घाटी सहित विभिन्न इलाको मे मूसलाधार बारिश होने के कारण रूद्रप्रयाग – गौरीकुंड नेशनल हाईवे पर बांसवाडा व काकडागाड मे भारी मलवा आने से रविवार सुबह से ही यातायात बाधित हो गया था । दोनो स्थानो पर यातायात बाधित होने से नेशनल हाइवे के दोनो तरफ कई दर्जनो वाहनो व सैकड़ो राहगीर फसे रहे। राज्य मंत्री चडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत व भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार आपदा प्रभावित क्षेत्र छेनागाड ,बसुकेदार का दौरा करने के लिए जिला मुख्यालय से रवाना हुए मगर बांसवाडा मे यातायात अवरूद्ध होने के बाद उन्हे घन्टो इन्तजार करने के बाद वैरंग लौटना पड़ा । थानाध्यक्ष ऊखीमठ मुकेश चौहान ने बताया कि काकडागाड मे भारी मलवा आने से यातायात अवरूद्ध हो गया था मगर पुलिस प्रशासन व नेशनल हाईवे के अथक प्रयासो से काकडागाड मे दोपहर दो बजे यातायात बहाल हो सका। थानाध्यक्ष अगस्तमुनि महेश रावत ने बताया कि बांसवाडा मे दोपहर तीन बजे बाद यातायात सुचारू हो पाया है तथा ऊपरी चट्टान से बोल्डर व मलवा आने का खतरा हर समय बना हुआ है ।
निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने बताया की चिलौण्ड गांव मे भूस्खलन के कारण एक गौशाला पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गयी है तथा प्रशासन व ग्रामीणो के सहयोग से गौशाला के अन्दर फसे मवेशियो को सुरक्षित निकालने के प्रयास किये जा रहे है। उन्होने बताया कि भूस्खलन के कारण एक मकान खतरे की जद मे आ गया है तथा काश्तकारो की फसलो व खेतो को नुकसान पहुंचने की सूचना है।



