उत्तराखंडधार्मिक

तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बन्द, 563 तीर्थ यात्री बने कपाट बन्द होने के साक्षी

लक्ष्मण सिंह नेगी।

चल विग्रह उत्सव डोली प्रथम रात्रि प्रवास को पहुंची चोपता।

563 तीर्थ यात्री बने कपाट बन्द होने के साक्षी ।

ऊखीमठ। हिमालय मे सबसे ऊंचाई पर विराजमान तृतीय केदार के नाम से प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ के कपाट 12:30 बजे शुभ लगनानुसार विधि – विधान, वेद ऋचाओं, महिलाओं के मांगल गीतों व स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर शीतकाल के लिए बन्द कर दिये गये है। कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली कैलाश से रवाना होकर सुरम्य मखमली बुग्यालों में नृत्य करते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंच गयीं है तथा 8 नवम्बर को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी। भगवान तुंगनाथ के कपाट बन्द होने के पावन अवसर पर 563 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन कर पुण्य अर्जित किया तथा पूरे यात्रा काल में 1 लाख 97 हजार 424 तीर्थ यात्रियों ने तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना कर विश्व समृद्धि की कामना की। शुक्रवार को ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्यों आचार्यों द्वारा भगवान तुंगनाथ का महाभिषेक कर आरती उतारी मठापति मुकेश मैठाणी की मौजूदगी में विद्वान आचार्यों द्वारा भगवान तुंगनाथ के स्वयं भू लिंग को ब्रह्म कमल, भस्म, चन्दन, पुष्प, अक्षत्र सहित विभिन्न पूजा सामाग्रियो से समाधि दी गयी तथा भगवान तुंगनाथ जगत कल्याण के लिए तपस्यारत हो गये। कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने मुख्य मन्दिर सहित सहायक मन्दिरों की परिक्रमा की तथा कैलाश से शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ के लिए रवाना होकर प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंच गयीं है। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के चोपता पहुंचने पर देश – विदेश के तीर्थ यात्रियो ,स्थानीय व्यापारियों , जीप टैक्सी यूनियन व घोड़े खच्चर संचालकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

शनिवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए भनकुण्ड पहुंचेगी तथा 8 नवम्बर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी व 9 नवम्बर से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधिवत शुरू होगी। मन्दिर समिति मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रागंड ने बताया कि इस बार तुंगनाथ धाम में क्षमता से अधिक तीर्थ यात्रियों के पहुंचने से नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है तथा मन्दिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है। प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि मन्दिर समिति के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल के अथक प्रयासों से जोलीग्राट देहरादून के श्रद्धालुओं द्वारा कपाट बन्द होने के पावन अवसर पर तुंगनाथ मन्दिर को दस कुन्तल फूलों से सजाया गया था। इस मौके पर पूर्व मठापति राम प्रसाद मैठाणी, अतुल मैठाणी , अभिषेक मैठाणी , अभिषेक मैठाणी , गीता राम मैठाणी, भरत मैठाणी, वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी, प्रधान सुनीता मैठाणी, विनोद नेगी, चन्द्र मोहन बजवाज, आनन्द सिंह रावत, उमेद सिंह नेगी, नरेन्द्र भण्डारी, जीतपाल भण्डारी, अनिल जिरवाण , धीर सिंह नेगी, शिव सिंह रावत, दीपक बमोला, शंकर सिंह नेगी, सतीश पंवार, राहुल नेगी सहित मन्दिर समिति के अधिकारी, कर्मचारी, हक – हकूकधारी व सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।

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