बिना फाउंडेशन के ही बना डाली सुरक्षा दीवार, एक ही बरसात में हुई क्षतिग्रस्त

रिपोर्ट/ बिपिन सेमवाल
गुप्तकाशी। लोनिवि ऊखीमठ के अभियंताओं और ठेकेदार की मिली भगत का एक अजीब नमूना तब देखने को मिला जब ठेकेदार ने बिना फाउंडेशन के ही पुश्तों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जो देखते देखते क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि अभियंताओं का कहना है की बारिश का दौर निरंतर जारी है ,ऐसे में कई स्थानों पर इस तरह की तस्वीरे सामने आई है। इस दीवार का ढहना बड़ी बात नही है।
बता दें कि, लोनिवि उखीमठ द्वारा नाला जाखधार मोटर मार्ग के सुधारीकरण के नाम पर पर लाखों रुपए पानी की तरह बहा दिए, लेकिन सरकारी धन का हर जगह दुरुपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में घोर अनियमितता बरतने और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने से दीवारें भरभरा कर गिर रही हैं। इसी मोटर मार्ग पर राइंकॉ गुप्तकाशी के निकट 10 वर्षों के अंतराल में छह बार सुरक्षा दीवारें लग चुकी है, लेकिन प्रत्येक बरसात के दौरान यह दीवारें हमेशा की भांति क्षतिग्रस्त हो जाती है। प्रत्येक वर्ष विभाग नए बजट की मांग करता है। और भारी भरकम कमीशन के चक्कर में मानकों की अनदेखी कर इस तरह घटिया निर्माण कार्य की संस्तुति प्रदान करता है। इसका मूल कारण यह है कि जहां पर इन दीवारों का निर्माण किया जाता है,वह स्थान भूस्खलन जोन में है । जहां इन दीवारों के निर्माण से पूर्व इस स्थान पर प्लम तथा गेबियन के सुरक्षात्मक इंतजामात किए जाने थे, ताकि सिंकिंग जोन पर इन दीवारों के निर्माण से पानी और गैस निकल जाने से भूमि कुछ सुरक्षित रहती, या फिर फाउंडेशन डालकर आरसीसी और सीसी डालकर मजबूत दीवार बनानी थी। लेकिन अभियंताओं तथा संबंधित ठेकेदार की मिली भगत से लाखों के बारे न्यारे करने के लिए इस 3 मीटर ऊंचाई वाली दीवार की फाउंडेशन ही हवा में डाली हुई है। लगातार हो रही बरसात के कारण यह पूरी दीवार जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। और आगामी दिनों में यह पूर्ण रूप से जमीदोज हो जाएगी ।
नाला गुप्तकाशी मोटर मार्ग से आधा दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं । जहां पर रॉ मैटेरियल और राशन आदि ले जाने के लिए व्यवसाई भारी वाहनों का प्रयोग करते हैं। इस स्थान पर मार्ग को चौड़ा बनाए जाने के लिए विभाग द्वारा सुरक्षात्मक दीवार निर्मित तो की गई है ,लेकिन ठेकेदार ने अधिक मुनाफा कमाने के लिए घटिया सामग्री इस्तेमाल कर बिना फाउंडेशन के ही जमीन के ऊपर ही दीवार निर्मित कर दी है , जिस कारण लगभग 40% दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है ।
इससे 20 दिन पूर्व भी इसी स्थान पर दीवार 10% क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसके सुधारीकरण के लिए अधिशासी अभियंता आरपी नैथानी को अवगत कराया गया था।
सामाजिक कार्यकर्ता विपिन कुमार ने बताया कि इस स्थान पर सिंकिंग जोन होने के कारण नीचे से ही प्लम डालने के बाद ही यह पुश्ते निर्मित किए जाने थे। उन्होंने कहा कि इस बाबत कई बार अधिशासी अभियंता को बताया गया ,लेकिन उन्होंने बताया कि इस बार गत वर्षों की अपेक्षा मजबूत आरसीसी कॉलम युक्त दीवार निर्मित की गई है । लेकिन मामूली बरसात में पूरी दीवार चटक चुकी है। इस स्थान पर विभागीय अभियंताओं द्वारा पैसे ठिकाने लगाने के लिए इस तरह के घटिया निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।



