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आपदा में संजीवनी बनी स्वास्थ्य सेवाएं दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की घर पर कराई सुरक्षित डिलीवरी

आपदा में संजीवनी बनी स्वास्थ्य सेवाएं : दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की घर पर कराई सुरक्षित डिलीवरी

रूद्रप्रयाग। आपदा की इस घड़ी में जहां एक ओर रुद्रप्रयाग जनपद प्राकृतिक विपदा से जूझ रहा है, वहीं जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपने सेवा भाव, समर्पण और तत्परता से मानवीय सेवा के साथ कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के नेतृत्व में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों को खोलने, विद्युत और जल आपूर्ति बहाल करने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो लगातार फील्ड से फीडबैक देकर राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि आपदा की इस घड़ी में सभी मिलकर कार्य करें और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाएं।

इसी क्रम में रुद्रप्रयाग का स्वास्थ्य विभाग भी कठिन से कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विभाग की टीमें दुर्गम और सड़क संपर्क से कटे हुए क्षेत्रों में भी चिकित्सा सेवा पहुंचा रही हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने तीन ऐसी गर्भवती महिलाओं की सफल डिलीवरी करवाई है, जो आपदा के चलते अस्पताल तक नहीं पहुंच सकीं। विभाग की टीमें कई किलोमीटर पैदल चलकर घर-घर पहुंचीं और जच्चा-बच्चा की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की।

31 अगस्त को बगसिर बगड़ गांव में 21 वर्षीय गर्भवती महिला की डिलीवरी घर पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा करवाई गई। इसके बाद उछोला गांव में एक महिला को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया। विभाग ने तुरंत चार सदस्यीय टीम भेजी, जिसने घर पर जाकर सुरक्षित डिलीवरी करवाई और महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। तीसरा मामला खोड़ डांगी, जखोली का है, जहां स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने डॉक्टर खुशपाल और डॉ. अयोध्या के नेतृत्व में सात किलोमीटर पैदल चलकर 23 वर्षीय नीता पत्नी वीरपाल की सुरक्षित डिलीवरी घर पर ही करवाई। यह सभी माताएं और नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और विभाग की टीम उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी कर रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने जानकारी दी कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की छह टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग न केवल डिलीवरी करवा रहा है, बल्कि प्रभावित लोगों को हर प्रकार की चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं भी उपलब्ध करा रहा है।उन्होंने बताया कि एक टीम को बकसिर बांगर में तैनात किया गया है जबकि पांच अन्य टीमों में पूर्वी बांगर, भुनालगांव, खौड़ एवं डांगी, तालजामण, बड़ेथ, उछोला में तैनात किया गया है।

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